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Sunday, December 26, 2010

चम्बा के नगर परिषद चुनावो में कोई प्रत्याशी नही चाहता चम्बा की एक हज़ार साल पुरानी संस्कृति को बचना

चम्बा नगर परिषद के चुनाव ३ जनवरी को होने जा रहे है ओर चम्बा नगर परिषद अध्यक्ष के लिए ४ महिलाए तथा उपाध्यक्ष के लिए ७ प्रत्याशी चुनाव मेदान में है लेकिन देखने योग्य बात यह है की किसी भी प्रत्याशी ने चम्बा जैसे इतिहासिक शहर को बचाने के बारे में कोई बात तक नही की है चम्बा शहर ने वर्ष २००६ में ही अपनी सथापना के १००० वर्ष पूरे किए है सभी प्रत्याशी बड़े बड़े वायदे कर रहे है लेकिन चम्बा शहर की पहचान , संस्कृति तथा धरोहरो को बचाने के लिए किसी भी प्रत्याशी की ओर से कोई बात नही कही गयी है  सभी प्रत्याशी शायद चुनाव जीतने की होड़ में इस ओर ध्यान देना ही भूल गये है की हमारी संस्कृति ही हमारी पहचान है

कुर्सी झटकना बना सबके लिए॒ प्रतिष्ठा का सवाल

कुर्सी झटकना बना सबके लिए॒ प्रतिष्ठा का सवाल 
कुर्सी एक और चार तलबगार। इस बार नगर परिषद चंबा॒ के अध्यक्ष पद को हासिल करना दावेदारों के लिए॒ आसान नहीं है। हालांकि चुनाव में दो नये चेहरे हैं तो दो कुछ हद तक मंझे हुए॒खिलाड़ी की तरह हैं। फिलहाल नप अध्यक्ष की कुर्सी झटकना इन सबके लिए॒प्रतिष्ठा का सवाल बन गया है। एक तरफ राजनीतिक पृष्ठभूमि के धुरंधर माने जाने ढल्ल॒परिवार की प्रतिष्ठा दांव पर है तो दूसरी ओर कांग्रेस की ओर टिकट नहीं मिलने से बागी हुई अनीता ठाकुर की भी साख का सवाल है। नप का अध्यक्ष पद झटकने के लिए॒ भाजपा समर्थित उम्मीदवार॒किरण बिज॒ को भी तो खुद को साबित करने की चुनौती है। जैसे जैसे चुनावो की तारीख नज़दीक आने लगी है। चम्बा की राजनीति में भी हलचल बढ़ती नज़र आ रही है। सभी प्रत्याशियो ने अपनी पूरी ताक़त चुनाव में लगा दी है। शहर में हर तरफ पोस्टर ओर बॅनर ही नज़र आने लगे है। लेकिन जनता का क्या फ़ैसला है वो तो ३ जनवरी को ही पता चल पाएगा।

Sunday, August 15, 2010

उमर अब्‍दुल्‍ला पर भी फेंका जूता, नि‍शाना चूका

किसी के प्रति अपना  विरोध जताने के लिए उस व्यक्ति पर जूता फेंकने का सिलसिला अब रुकने का नाम ही नहीं ले रहा अमेरिका से शुरू हुआ विरोध का यह तरीका अब अधिकतर लोगो को सबसे बढ़िया लगने लग पड़ा है शायद यही वजह है की आज जम्मू एवं कश्मीर के मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला पर स्वाधीनता दिवस समारोह के दौरान एक व्यक्ति ने जूता उछाल दिया। जूता अब्दुल्ला के शरीर को छू नहीं सका और वह उनके बेहद करीब से निकल गया।
प्रारंभिक जानकारी में पता चला है की  जूता उछालने वाला  युवक जम्मू एवं कश्मीर पुलिस में सहायक उप निरीक्षक के पद पर तैनात है। उसने मुख्यमंत्री को कथित तौर पर काला झंडा भी दिखाया। इस घटना के बाद युवक को गिरफ्तार कर लिया गया।
 घटना के बाद मुख्यमंत्री ने संवाददाताओं से बातचीत में कहा, "विरोध करने का यह तरीका सही नहीं है लेकिन शुक्र है कि वह जूता था, पत्थर नहीं।"
 लेकिन चाहे विरोध का यह तरीका सही नहीं है लेकिन गौर करने योग्य बात यह है की आखिर ऐसी क्या वजह रही होगी की कश्मीर पुलिस के युवक को ऐसा कदम उठाना पड़ा शायद कश्मीर घाटी के बिगड़े हालत ही इसकी सबसे बड़ी वजह है क्यूंकि आज घाटी के हालत बिगड़े लग-भाग दो महीने का समय होने लगा है लेकिन सरकार की और से इसको सुधारने के प्रयास न काफी ही साबित हुए है और आज यही कारन रहा की कश्मीरी युवक ने मजबूर होकर अपना विरोध अपने ही राज्य के मुख्यमंत्री पर इस प्रकार जूता फ़ेंक कर जताया ........................

Friday, August 13, 2010

देश को बर्बाद कर देगी कश्मीर को स्वायत्तता

जम्मू कश्मीर को स्वायत्तता देने के प्रस्ताव का कड़ा विरोध करते हुए शिवसेना प्रमुख बाल ठाकरे ने आज कहा कि यह कदम देश को बर्बाद कर देगा। ठाकरे ने पार्टी के मुखपत्र ‘सामना’ में कहा है, ‘कश्मीर को स्वायत्तता? यह हद है। स्वायत्तता का दर्जा राज्य को नहीं दिया जाना चाहिए अन्यथा यह देश बर्बाद हो जाएगा। उन्होंने कांग्रेस की इस विचार के लिए कड़ी आलोचना की और उससे सत्ता छोड़ देने की मांग की।

उमर स्वायत्ता के दर्जे के पक्ष में
ठाकरे प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह के इस बयान पर टिप्पणी कर रहे थे कि केंद्र संविधान के दायरे में जम्मू कश्मीर को स्वायत्तता देने पर विचार करने को तैयार है। शिवसेना प्रमुख ने कहा कि पहले प्रधानमंत्री जवाहर लाल नेहरू की कश्मीर को स्वायत्तता देने एवं शेख अब्दुला को उसका प्रधानमंत्री बनाने की घोषणा का पूरे देश और सभी सांसदों ने विरोध किया था और उन्हें अपना कदम वापस लेना पड़ा था। उन्होंने कहा कि अब अब्दुल्ला के वंशज फारूक और उमर स्वायत्ता के दर्जे के पक्ष में हैं, लेकिन ऐसा नहीं होगा। यदि ऐसा हुआ तो देश इसके खिलाफ उठ खड़ा हो जाएगा।

Thursday, August 12, 2010

एस एफ आई॒ कर रही है महाविद्यालय का माहौल खराब

एस एफ आई॒ कर रही है माहौल खराब
एबीवीपी ने संगठन को लिया आड़े हाथों
कहा, हर कालेज में गुंडागर्दी फैला रही है एस एफ आई॒

चंबा॒। अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद ने एस एफ आई॒ पर कालेज का माहौल खराब करने का आरोप जड़ा है। संगठन की आयोजित बैठक में एस एफ आई॒ के नेताओं को आड़े हाथों लेते हुए॒ विद्यार्थी परिषद के प्रांत सहमंत्री दयाकृष्ण॒ ठाकुर तथा इकाई अध्यक्ष नरेंद्र सिंह ने कहा कि एसएफआई॒ महाविद्यालय में पढ़ाई का माहौल खराब कर रही है। बिना कालेज प्रशासन की अनुमति के अपने कार्यक्रम में सरेआम आउटसाइडरों॒ को बुलाकर प्रशासन द्वारा बनाए गए नियमों की सरेआम अवहेलना कर रही है। इस संगठन के खूनी इतिहास का पता अब महाविद्यालय के आम छात्र वर्ग को लग गया है, जिससे एसएफआई॒ बौखला गई है।
उन्होंने कहा कि एसएफआई॒ के कार्यकर्ता विश्वविद्यालय से लेकर हर कालेज में गुंडागर्दी की नीति पर काम कर रहे हैं। इकाई अध्यक्ष नरेंद्र कुमार ने कहा कि एबीवीपी मांग करती है कि एसएफआई॒ के कार्यक्रम में बुलाए गए॒ आउटसाइडरा पर तुरंत कार्रवाई की जाए अन्यथा एबीवीपी आंदोलन करने के लिए॒ बाध्य हो जाएगी। जिस छात्र संगठन को अपना पंजीकृत नंबर और अपना स्थापना दिवस का पता नहीं, वह कहां का छात्र संगठन है। उन्होंने एसएफआई॒ को परिसर में सरेआम बहस करने की चुनौती देते हुए॒कहा कि वह जगह और समय बता दें, एबीवीपी के कार्यकर्त्ता वहां आ जाएंगे।

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